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गुरु-स्मृति · साधना · सतत सेवा

गुरु-शिष्य परम्परा और वर्तमान आध्यात्मिक धारा

धर्मसम्राट महाराज जी के तप, ज्ञान और धर्मसंकल्प से प्रवाहित वह गुरु-धारा, जो प्रत्यक्ष शिष्य-परम्परा, पूज्य आचार्यों की सेवा और करपात्री धाम के वर्तमान मार्गदर्शन में सतत प्रवाहित है।

परम पूज्य स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज
पीठाधीश्वर, करपात्री धाम · अध्यक्ष, अखिल भारतीय धर्म संघ

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प्रत्यक्ष गुरु-शिष्य परम्परा

धर्मसम्राट स्वामी हरिहरानन्द सरस्वती करपात्री जी महाराज → स्वामी सदानन्द सरस्वती वेदान्ती जी महाराज → परम पूज्य स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज। इस प्रत्यक्ष गुरु-शिष्य परम्परा में ज्ञान, साधना और धर्म-उत्तरदायित्व की धारा आगे प्रवाहित होती है।

धर्मसम्राट महाराज जी और स्वामी सदानन्द सरस्वती वेदान्ती जी महाराज ब्रह्मलीन हैं। परम पूज्य स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज करपात्री धाम के वर्तमान पीठाधीश्वर और अखिल भारतीय धर्म संघ के अध्यक्ष हैं।

धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज
धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज

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स्वामी सदानन्द सरस्वती वेदान्ती जी महाराज

स्वामी सदानन्द सरस्वती वेदान्ती जी महाराज धर्मसम्राट महाराज जी के शिष्य और पूज्य स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज के गुरु हैं। प्रत्यक्ष परम्परा में उनका स्थान धर्मसम्राट महाराज जी की स्मृति, शिक्षा और सेवा-संकल्प को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने वाला सेतु है।

गुरु-शिष्य सम्बन्ध का सार केवल बौद्धिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि साधना, मर्यादा और धर्म-उत्तरदायित्व को जीवन द्वारा सौंपना है।

स्वामी सदानन्द सरस्वती वेदान्ती जी महाराज
स्वामी सदानन्द सरस्वती वेदान्ती जी महाराज

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जगद्गुरु स्वामी निरंजन देव तीर्थ जी महाराज की पावन सेवा

धर्मसम्राट महाराज जी के महाप्रयाण के पश्चात 9 फरवरी 1982 को केदार घाट पर जगद्गुरु शंकराचार्य पुरी पीठाधीश्वर स्वामी निरंजन देव तीर्थ जी महाराज ने पाषाण-पेटिका में जल-समाधि की पावन सेवा सम्पन्न की।

यह प्रसंग प्रत्यक्ष गुरु-शिष्य क्रम का दावा नहीं, बल्कि एक पूज्य आचार्य द्वारा धर्मसम्राट महाराज जी के प्रति सम्पन्न श्रद्धामय सेवा का स्मरण है।

जगद्गुरु शंकराचार्य पुरी पीठाधीश्वर स्वामी निरंजन देव तीर्थ जी महाराज
जगद्गुरु शंकराचार्य पुरी पीठाधीश्वर स्वामी निरंजन देव तीर्थ जी महाराज

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परम्परा के वर्तमान पीठाधीश्वर

परम पूज्य स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज इस प्रत्यक्ष गुरु-धारा के वर्तमान आध्यात्मिक केन्द्र तथा करपात्री धाम के वर्तमान पीठाधीश्वर हैं।

अखिल भारतीय धर्म संघ के अध्यक्ष के रूप में उनका वर्तमान उत्तरदायित्व गुरु-स्मृति, साधना, अनुष्ठान, शास्त्रनिष्ठा और संस्थागत सेवा को एक अविच्छिन्न धारा में आगे बढ़ाता है। वे इस परम्परा में केवल अंतिम नाम नहीं, उसके वर्तमान मार्गदर्शन और उत्तरदायित्व की केन्द्रीय उपस्थिति हैं।

आसनस्थ परम पूज्य स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज
परम पूज्य स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज · वर्तमान पीठाधीश्वर, करपात्री धाम

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पूज्य आध्यात्मिक सान्निध्य

स्वामी श्री श्रीधरानंद सरस्वती जी महाराज की पूज्य आध्यात्मिक उपस्थिति करपात्री धाम के विस्तृत सार्वजनिक परिचय में श्रद्धापूर्वक स्मरण की जाती है।

उनका पूज्य सान्निध्य साधना, गुरु-भक्ति और सेवा की उस आत्मीय धारा को प्रकट करता है, जो करपात्री धाम के व्यापक आध्यात्मिक जीवन को समृद्ध करती है।

स्वामी श्री श्रीधरानंद सरस्वती जी महाराज
स्वामी श्री श्रीधरानंद सरस्वती जी महाराज