01
करपात्री धाम के वर्तमान पीठाधीश्वर
परम पूज्य स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज करपात्री धाम की वर्तमान आध्यात्मिक धुरी हैं। पीठाधीश्वर के रूप में उनका दायित्व धाम की साधना, अनुष्ठान, गुरु-स्मृति और श्रद्धालु-समुदाय को वर्तमान मार्गदर्शन से जोड़ता है।
करपात्री धाम में वर्तमान नेतृत्व का अर्थ केवल प्रशासन नहीं, बल्कि धर्मसम्राट महाराज जी के तप, शास्त्रनिष्ठा, मर्यादा और लोकमंगल के संकल्प को सतत आध्यात्मिक आचरण में आगे बढ़ाना है।
02
अखिल भारतीय धर्म संघ के अध्यक्ष
अखिल भारतीय धर्म संघ के अध्यक्ष के रूप में पूज्य गुरुजी का दायित्व करपात्री धाम, प्रमुख केन्द्रों और धर्म-संबद्ध सेवा को एक व्यापक संस्थागत चेतना से जोड़ता है।
यह उत्तरदायित्व धर्म को व्यक्ति की साधना से लेकर शिक्षा, परम्परा-संरक्षण, अनुष्ठान और लोकसेवा तक एक समन्वित जीवन-दृष्टि के रूप में प्रतिष्ठित करता है।
03
गुरु-परम्परा का सतत उत्तरदायित्व
धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज से स्वामी सदानन्द सरस्वती वेदान्ती जी महाराज और उनसे पूज्य स्वामी श्री सर्वेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज तक प्रत्यक्ष गुरु-शिष्य परम्परा ज्ञान और सेवा की निरन्तरता को प्रकट करती है।
गुरु-परम्परा नामों का स्मारक नहीं, बल्कि शास्त्र, साधना, धर्मरक्षा और करुणापूर्ण सेवा के उत्तरदायित्व का सतत हस्तान्तरण है।
04
चातुर्मास प्रस्थान और गुरु-पूजन, 2026
यह सार्वजनिक आमंत्रण पूज्य गुरुजी के वर्तमान मार्गदर्शन में बीकानेर से काशी तक जुड़े धर्मसंघ के साधना-जीवन की एक प्रत्यक्ष झलक है—गुरु-पूजन, दर्शन और चातुर्मास-प्रस्थान यहाँ एक ही गुरु-परम्परा के अनुशासन में जुड़े हैं।

